वो कहते है मुकददर काम नहीं आता, झुककर हर किसी को सलाम किया नहीं जाता, रोना किस्मत की लकीरो में नहीं लिखा, चलता नहीं हर ज़गह किस्मत का सिक्का। कुछ मेहनत की दुआएँ भी छिन लाती है, जो सूकून दे जाती है, दर-दर की ठोकरें...
तेरी उदासी का असर मुझपर कुछ इस कदर छाता है, न दिल रो पाता है, न ज़ाहिर कर पाता है, दूर जाने का मतलब फासला नहीं होता, कुछ फासलों से प्यार कम नहीं होता। निगाहें भरकर इंतज़ार करना मेरा, फिर उन्ही आँखों से दीदार...

हालात

कुछ सपने झिंझोरा करते हैं, हालात ऐसे हैं जो तोड़ा करते हैं, हकीकत है या सपना समझ नहीं आता, कौन सा ज्यादा प्यारा है, पता नहीं चल पाता।   जिसका साथ जीतना चाहते हैं, उसी से लड़ते हैं, इतना रोने के बाद भी ना जाने...